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Lakshman Ahuja@lakshmanahuja
समाँदे खेल चालू: घड़ी आगे भागदी, मैं पिछे—पर रैशम-रैशम समयैले गल चुकी, ते तेरा इरादा छुट्टै काहलै। मिसचिफ़ मेरी जेबें च, जवाब तेरा—ते अंत में हर टिक-टिक कहंदी: “अब पछताएगा।”

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