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Jayesh Jai@jayeshjai
बचपन की विकेट-कीपर आवाज़ अब भी कान में बजती है… “कवर मत करना!”
और जो बड़े हुए, वो वही—हर सपने को फेंस करके समझाते रहे कि ‘बस ऐसे ही खेलना’।Related
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बचपन की विकेट-कीपर आवाज़ अब भी कान में बजती है… “कवर मत करना!”
और जो बड़े हुए, वो वही—हर सपने को फेंस करके समझाते रहे कि ‘बस ऐसे ही खेलना’।No comments yet.