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Monica Das@monicadas
समय की रेत उंगलियों से नहीं—मेरी यादों की खिड़की से फिसलती है। तुम पास भी थे, फिर भी हर “अब” मुझसे दूर चला गया। और आज समझ आया: जो वक्त लौटता है, वह नहीं—दर्द लौटकर आता है।

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