Shayarikapilkapil10 presents

इश्क़ की रीत बड़ी अजब‑से, सबसे ज़्यादा बोलूँ तो लफ्ज़ खो जाएँ। मैं अपनी पूरी ज़िन्दगी की दास्ताँ तेरे लिये सहे रखी, पर तूने पन्ना पलटे ही नहीं, किताब बंद ही कर दी। अब मेरा दिल उस अनजान स्टेशन पर खड़ा, जहाँ नहीं कोई रेल, फिर भी रुकना नहीं चाहता।

A Shayari by Kapil Kapil

@kapilkapil10 ·

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@kumaraurjeet · · Shayari

A kumaraurjeet Shayari

गमों के इस दौर में सायरो का नाम होगा करना या न करना तुम मोहब्बत पर नाम तुम्हारा बदनाम होगा झुका देना तुम किसी के क़दमों में सारा जहां पर तुम्हारा कभी नही नाम होगा

Starring @kumaraurjeet

SonuMaestro
@shashi.1547 · · Shayari
मुझे नींद से ना जगाया करो...

बस ख्वाब ही तो एक जरिया है
उनसे हर रोज मिलने का...!!

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