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Bhupender Seth@b.seth7540
रात गई पुरानी बात गई, नई-नवेली सुबह हुई, चलो करते हैं कोई बात नई, जिससे कुछ नया सा अहसास हो, ऐसा कुछ जो कल भी हमारे साथ हो। हमेशा सकारात्मक और फ्रेश से जज़्बात हों, चलो मिलकर बनाएं एक दुनिया वही जिसमे सिर्फ इंसान और इंसानियत कि ही बात हो।

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